काशीपुर। अन्नदाता केवल खेतों में फसल नहीं उगाता, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अहम भूमिका निभाता है। किसान समृद्ध होगा तो गांव समृद्ध होगा और गांव की समृद्धि से ही राष्ट्र मजबूत बनेगा। यह विचार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित स्मार्ट कृषि ग्राहक मिलन समारोह में वक्ताओं ने व्यक्त किए।
शनिवार को काशीपुर के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्यमी, बैंक अधिकारी और कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शामिल हुए। कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र के विकास, वित्तीय सहायता, मूल्य संवर्धन और निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक राजीव रंजन रतन, सहायक महाप्रबंधक शरद खंडेलवाल, सुधेंदु कुमार सहायक महाप्रबंधक एबीयू विभाग स्थानीय प्रधान कार्यालय दिल्ली तथा आमंत्रित कृषकों ने संयुक्त रूप से किया गया। डी जी एम राजीव रंजन रतन ने कहा कि किसान अब केवल अन्नदाता नहीं बल्कि एक उद्यमी के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी क्षेत्र कार्यालय के अंतर्गत आने वाली 194 शाखाओं के माध्यम से कृषि क्षेत्र के उद्यमियों को अब तक लगभग 1100 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में बढ़ते एनपीए पर चिंता व्यक्त करते हुए एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर अनिल कुमार एलपीएम कॉलेज वेटनरी एंड एनिमल साइंस और डॉक्टर रानी मनीषा असिस्टेंट प्रोफेसर मृदा विज्ञान जीबी पंत विश्वविद्यालय. एसबीआई के रिलेशनशिप मैनेजर प्रीति सिंह ने एसबीआई वेल्थ से संबंधित सेवाओं पर प्रकाश डाला। नीरज बिष्ट और ब्यूटी मिश्रा ने बैंक की बीमा योजनाओं की जानकारी दी।



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