काशीपुर। रात करीब बारह बजे से शुरू हुई शुक्रवार को भी जारी रही। देर रात तेज हवाओं के साथ बारिश ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिरा दिया। गेहूं की लगभग पकी हुई फसल को भारी नुक्सान हुआ है। काश्तकारों के अनुसार गेहूं की फसल को चालीस प्रतिशत तक नुकसान हो गए है।
इसके अलावा मौसमी सब्जियों के खेत में पानी भरने से जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई है जिससे इनके गलने का खतरा खड़ा हो गया है। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बेमौसमी बारिश से फसलों को बहुत नुक्सान हुआ है। सबसे ज्यादा प्रभावित वह फसल हुई हैं जो कटाई के कगार पर हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ अनिल चंद के मुताबिक बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने कृषि और बागवानी के लिए संकट पैदा कर दिया है। फसलें लौट गई हैं जिससे दाना छोटा होने और उपज घटने की संभावना है। मसूर और चने की तैयार फसल में नमी के कारण दाना काला पड़ने और फलियों के चटकने का डर है। हाल ही में बोई गई मूंग और उड़द की फसलों के लिए यह बारिश अत्यंत हानिकारक साबित हो सकती है। आम और लीची के बौर झड़ गए हैं। बेल वाली सब्जियों जैसे लौकी, कुद्दू, खीरा टमाटर में जलभराव के कारण जल सड़न और फफूंद जनित रोगों का खतरा बढ़ गया है।




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